उड़द मुंग मसूर मटर तुअर चना राजमा काबली चना बाजार तेज़ी मंदी समीक्षा

भारतीय घरेलू बाजर में किसानो की दलहन की फसलो की तेज़ी मंदी समीक्षा , बाजार में दलहन की फसलो के अंदर क्या कुछ चल रहा है जैसे चना का भाव कब बढ़ेगा 2023 , मसूर में तेजी कब आएगी , मटर का भाव क्या है , काबली चना का रेट सभी जानकारी जाने

मसुर बाजार रिपोर्ट 2023 मसूर के भाव में तेजी संभव

हम मानते हैं कि मसूर का उत्पादन इस बार अधिक हुआ है, लेकिन कनाडा में ऊंचे भाव होने से बाजार ज्यादा नहीं घटने वाले हैं। पुराना स्टॉक भी इस बार बिल्कुल नहीं था। उधर मुंगावली, गंजबासौदा लाइन में इस बार आवक का दबाव समय से पहले ही घट गया है। कानपुर, गोंडा, बहराइच लाइन में भी मसूर में प्रति हेक्टेयर उत्पादकता कम रही है। बिहार की मंडियों में भी पिछले 3 दिनों से आवक कम हो गई है, इन परिस्थितियों में 5950 रुपए प्रति क्विटल के आसपास की मसूर के व्यापार में कोई जोखिम नहीं है

उड़द तेज़ी मंदी समीक्षा – करेक्शन के बाद फिर बढ़ेगी

रंगून में उड़द के भाव बढ़ने से आयात पड़ता काफी महंगा हो गया है। भारतीय सभी मंडियों में सरकार की दहशत से स्टॉक निबट चुके हैं तथा कोई भी आयातक रंगून से स्टॉक के लिए माल नहीं मंगा रहा है। जो माल पहले के उतरे हुए थे, वह सब बिक चुके हैं। यही कारण‍ 9040/9050 रुपए प्रति क्विटल पर उड़द एसक्यू तेज बनी हुई है। उड़द एफ ए क्यू के भाव 8200 रुपए बोल रहे हैं, लेकिन इन भावों में प्रचुर मात्रा में माल में मांगने पर किसी के पास नहीं है

मुंग का भाव भविष्य 2023 – मुंग में मंदी के आसार

वर्तमान में पाइप लाइन में माल नहीं होने से मूंग शॉर्टेज में बढ़िया क्वालिटी में चालू सप्ताह के अंतराल 200/300 रुपए प्रति क्विटल की तेजी जरूर आ गई है, लेकिन दाल धोया एवं छिलका की बिक्री अनुकूल नहीं है तथा मध्य प्रदेश सरकार के हुए टेंडर के माल अगले दो-चार दिनों में प्रेशर में लगेंगे, इसलिए तेजी का व्यापार नहीं करना चाहिए। मौसम भी चारों तरफ 2 दिन से बढ़िया चल रहा है। इन परिस्थितियों में तेजी का व्यापार रिस्की रहेगा

तुअर के भावो में तेजी बनी रहेगी लगातार

घरेलू तुवर की फसल का दिन प्रति दिन रकबा घटता जा रहा है और रंगून में अब्व्की बार ऊंचे भाव है, वहीं आयातक पहले ही सरकार की दहशत के कारण माल कम मंगा रहे थे। यही कारण है कि बाजार में शॉर्टेज की स्थिति बनी हुई है तथा दाल मिलों में भी हैंड टू माउथ स्टॉक चल रहा है। निकट भविष्य में कोई फसल आने वाली नहीं है, पलामू, डालटेनगंज, नगर उंटारी लाइन की तुवर लोकल में ही खप रही है। मध्यप्रदेश की माल कटनी की दाल मिलों ने मंदे भाव में खरीद लिया है, जिससे चारों तरफ शॉर्टज की स्थिति में बाजार कभी भी 9500 रुपए लेमन क्वालिटी का यहां बन सकता है। कल शाम को 9150 रुपए बिकने के बाद 9200 रुपए तक बोलने लगे थे

आज का चना का भाव – देसी चना माल का प्रेशर नहीं चना तेज़ी मंदी समीक्षा

सरकार द्वारा देसी चने की खरीद भरपूर मात्रा में की गई है, इसलिए कारोबारियों को यह दहशत है कि गत साल की तरह इस साल भी मंदे भाव में सरकार खुले बाजार में बेचने लगेगी। इसी वजह से पहले के स्टॉक पड़े माल मंदे में बिकने लगे हैं, लेकिन उत्पादक मंडियों में आवक का प्रेशर जिस हिसाब से घट गया है, उसे देखते हुए बाजार धीरे-धीरे आगे बढ़ता ही रहेगा। वर्तमान में चना का भाव 5075 / 5100 रुपए प्रति क्विटल का खड़ी मोटर में व्यापार हो रहा है चना तेज़ी मंदी समीक्षा

राजमा के बढ़िया माल की कमी है

राजमां चित्रा के हल्के भारी माल बराबर उतर रहे हैं तथा उत्पादक मंडियों से भी गन्ना एवं वरूण माल आ रहा है, इन सब के बावजूद भी चाइना का बढ़िया सिलेक्टेड माल बाजार में नहीं है, यही कारण है कि 2 दिन पहले 120 से बढ़कर 123 रुपए प्रति में व्यापार गया। सके समर्थन में ब्राजील एवं इथोपिया के अच्छे माल भी बढ़ गए उत्पादक मंडियों से माल के दबाव को देखकर नीचे वाले मालों में तेजी नहीं लग रही हैं

रास्ट्रीय बागवानी मिशन 2023
रास्ट्रीय बागवानी मिशन 2023

बागबानी के लिए सरकार से मिलेगी सब्सिडी किसानो की आय में होगी वृद्धि ; रास्ट्रीय बागवानी मिशन 2023

काबुली चना बाजार में मंदी नहीं ; डॉलर चना का भाव

काबली चने की आवक उत्पादक मंडियों में घट गई है। दूसरी ओर बढ़िया माल की कमी बनी हुई है। हम मानते हैं कि दिल्ली- एनसीआर सहित उत्तर भारत की मंडियों में व्यापार कम जरूर चल रहा है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय बाजारों में ऊंचे भाव होने से छिटपुट निर्यात चल तथा मंडियों आवक के प्रेशर कम होने तथा यहां भी स्टाक ज्यादा नहीं होने से जड़ में मंदा नहीं लग रहा है। तथा आगे चलकर 8200 / 8300 रुपए वाला महाराष्ट्र के •माल में भरपूर लाभ मिल सकता है।

मटर के भाव में मंदी जारी – तेज़ी मंदी समीक्षा

मटर का स्टाक, वितरक व खपत वाली मंडियों में भारी मात्रा में हो चुका है। हम मानते हैं कि इस बार भी अंतरराष्ट्रीय बाजारों में से कोई माल आने नहीं है, क्योंकि आयात प्रतिबंध पिछले 3 वर्षों से चल रहा है, इन सब के बावजूद उत्पादन अधिक होने से माल का स्टॉक हर जगह बढ़ा हुआ है तथा सीजन के शुरुआत में ही कारोबारियों ने माल खरीद लिया है, वह कटने के बाद ही बाजार फिर बढ़ जाएगा

डिस्क्लेमर – ईमंडी मार्केट पोर्टल का उद्देश्य किसानों को कृषि से संबंधित सभी प्रकार की जानकारी उपलब्ध कराना है। आप EMANDI Market PORTAL के माध्यम से खेती से संबंधित सभी प्रकार की जानकारी, खेती में नवाचार, मंडियों के नवीनतम बाजार मूल्य आदि जान सकते हैं व्यापार अपने विवेक से करें .

ALSO READ THIS – kapas ka bhav कपास भाव में आई तेजी Emandi market

बागबानी के लिए सरकार से मिलेगी सब्सिडी किसानो की आय में होगी वृद्धि ; रास्ट्रीय बागवानी मिशन 2023

Leave a comment

You cannot copy content of this page